30 सितंबर तक कार्रवाई नहीं हुई तो गांधी प्रतिमा पर धरने की चेतावनी
प्रथम झलक हिमांशु जैन /लखनऊ। तहसील सरोजनीनगर क्षेत्र के ग्राम धावापुर-खसरवारा, किशुनपुर-कौड़ियां और सिकंदरपुर-बंथरा में कथित रूप से सरकारी एवं ग्राम समाज की भूमि पर अतिक्रमण, अवैध प्लाटिंग और निर्माण के आरोपों को लेकर ‘अतिक्रमण मुक्त भारत अभियान’ के सूत्रधार धर्ममूर्ति पंडित लक्ष्मण बालयोगी ने शासन-प्रशासन को अंतिम अनुस्मारक भेजा है। 29 अगस्त 2026 को भेजे गए पत्र में उन्होंने इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ के मुख्य न्यायाधीश, प्रधानमंत्री, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री, जिलाधिकारी लखनऊ और पुलिस आयुक्त लखनऊ से मामले में शीघ्र कार्रवाई की मांग की है। पत्र में कहा गया है कि वर्ष 2022 से संबंधित प्रकरण को लेकर विभिन्न स्तरों पर शिकायतें और पत्रावलियां प्रस्तुत की जा रही हैं। शिकायतकर्ता का आरोप है कि उक्त गांवों में सरकारी भूमि, ग्राम समाज, जंगल-ढाक, देवस्थान, तालाब, श्मशान सहित अन्य सार्वजनिक उपयोग की भूमि पर कथित रूप से अतिक्रमण और अवैध प्लाटिंग की जा रही है। शिकायत में कुछ निजी व्यक्तियों और उनके सहयोगियों पर स्थानीय राजस्व अधिकारियों एवं कर्मचारियों की कथित मिलीभगत से सरकारी भूमि पर कब्जा, अवैध निर्माण तथा कूटरचित दस्तावेजों के माध्यम से बिक्री किए जाने के आरोप लगाए गए हैं। शिकायतकर्ता ने इन संपत्तियों की अनुमानित कीमत 500 करोड़ रुपये से अधिक होने का दावा किया है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि समाचार तैयार किए जाने तक नहीं हुई है। धर्ममूर्ति पंडित लक्ष्मण बालयोगी ने अपने पत्र में PMOPG शिकायत संख्या PMOPG/D/2026/0131343 तथा IGRS संदर्भ संख्या 60000260191981 का भी उल्लेख किया है। उनका आरोप है कि शिकायतों के बावजूद संबंधित अधिकारियों द्वारा पर्याप्त स्थलीय जांच नहीं की गई तथा शिकायतों के निस्तारण की प्रक्रिया को लेकर भी उन्होंने सवाल उठाए हैं। उन्होंने मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराकर सरकारी एवं ग्राम समाज की भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया जाए तथा यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित भू-माफियाओं के साथ-साथ किसी भी दोषी अधिकारी या कर्मचारी के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए। 30 सितंबर तक कार्रवाई की मांग अनुस्मारक में शिकायतकर्ता ने प्रशासन से 30 सितंबर 2026 तक संबंधित सरकारी एवं ग्राम समाज की भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने तथा जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है। साथ ही उन्होंने इसे अंतिम अनुस्मारक बताते हुए कहा है कि यदि निर्धारित समय तक प्रभावी कार्रवाई नहीं होती है तो वह लोकतांत्रिक और अहिंसक तरीके से विरोध करेंगे। पत्र के अनुसार, 2 अक्टूबर 2026 को विश्व अहिंसा दिवस के अवसर पर दोपहर 1 बजे हजरतगंज स्थित महात्मा गांधी प्रतिमा के समक्ष मौन धरना देने की बात कही गई है। इसके बाद शाम 4 बजे महात्मा गांधी को नमन कर विधानसभा के समक्ष होते हुए राज्यपाल के समक्ष से एकल मार्च निकालकर मुख्यमंत्री के सरकारी आवास तक पहुंचने और ज्ञापन सौंपने की घोषणा की गई है। शिकायतकर्ता ने शासन-प्रशासन से मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अभिलेखों, न्यायालय के आदेशों और शिकायतों की जांच कर समयबद्ध कार्रवाई की मांग की है।