AAP का पार्षद, AAP का विधायक, फिर भी गलियों में कचरे के पहाड़! 11, 2 और 16 ब्लॉक की तस्वीरों ने सफाई व्यवस्था के दावों को कटघरे में खड़ा किया
Pratham Jhalak News
••2 व्यूज़•2 मिनट पढ़ें
AAP का पार्षद, AAP का विधायक, फिर कल्याणपुरी का यह हाल क्यों?
स्थानीय लोगों का कहना है कि गंदगी के कारण बदबू और मच्छर-मक्खियों की समस्या बढ़ रही है। बच्चों और बुजुर्गों को भी परेशानी हो रही है। ऐसे में यह मामला केवल सौंदर्य या सफाई तक सीमित नहीं रहता, बल्कि सार्वजनिक स्वास्थ्य और नागरिकों की रोजमर्रा की जिंदगी से भी जुड़ जाता है।
MCD से लेकर जनप्रतिनिधियों तक, जवाबदेही तय होनी चाहिए
कल्याणपुरी की तस्वीरें MCD प्रशासन और स्थानीय जनप्रतिनिधियों के सामने एक सीधा सवाल रखती हैं। यदि कूड़ा नियमित रूप से उठाया जा रहा है तो सड़क किनारे इतने बड़े ढेर क्यों दिखाई दे रहे हैं? यदि शिकायतों पर तुरंत कार्रवाई होती है तो स्थानीय लोगों को बार-बार गंदगी की शिकायत क्यों करनी पड़ रही है? और यदि क्षेत्र की सफाई व्यवस्था ठीक है तो 11, 2 और 16 ब्लॉक की ये तस्वीरें किस व्यवस्था की कहानी बता रही हैं?
लोकतंत्र में चुनाव जीतना जिम्मेदारी की शुरुआत है, जिम्मेदारी का अंत नहीं। जनता ने अपने प्रतिनिधियों को इसलिए चुना है कि वे उसकी समस्याओं को उठाएं और समाधान सुनिश्चित कराएं। जनता को केवल आश्वासन नहीं चाहिए, उसे अपने घर के बाहर साफ सड़क, समय पर कूड़ा उठान और बेहतर नागरिक सुविधाएं चाहिए।
अब सोशल मीडिया नहीं, जमीन पर काम का इंतजार
कल्याणपुरी की इन तस्वीरों ने एक बेहद जरूरी सवाल खड़ा कर दिया है। सोशल मीडिया पर सक्रियता अपनी जगह है, लेकिन जनप्रतिनिधि की असली परीक्षा उसके क्षेत्र की जमीन पर होती है। यदि जनता के बीच से ऐसी तस्वीरें सामने आ रही हैं तो उन्हें नजरअंदाज करने के बजाय जिम्मेदार विभाग और स्थानीय जनप्रतिनिधियों को सामने आकर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए और कार्रवाई दिखाई देनी चाहिए।
अब देखना यह है कि इन तस्वीरों के सामने आने के बाद MCD प्रशासन क्या कदम उठाता है और स्थानीय जनप्रतिनिधि कल्याणपुरी की सफाई व्यवस्था को लेकर क्या जवाब देते हैं। प्रथम झलक संबंधित जनप्रतिनिधियों और MCD का पक्ष मिलने पर उसे भी पूरी प्रमुखता के साथ प्रकाशित करेगा।
कल्याणपुरी की सड़कें आज सिर्फ कचरे से नहीं अटी पड़ी हैं, बल्कि वे उस जवाबदेही का इंतजार कर रही हैं जिसकी उम्मीद जनता अपने चुने हुए प्रतिनिधियों से करती है। सवाल सीधा है—जब पार्षद भी AAP का है और विधायक भी AAP का, तो फिर कल्याणपुरी की जनता को इस गंदगी से कब मुक्ति मिलेगी?