नॉर्थ ईस्ट निगम जोन की बैठक में बवाल! सत्ता पक्ष-विपक्ष भिड़े, अधिकारियों के रवैये पर भी फूटा गुस्सा
Pratham Jhalak News
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साप्ताहिक बैठक में जमकर हुई तू-तू, मैं-मैं जनहित के मुद्दों को लेकर पार्षद आमने-सामने | अधिकारियों की कार्यशैली पर भी उठे सवाल
दिल्ली के नॉर्थ ईस्ट निगम जोन की साप्ताहिक बैठक शुक्रवार को उस समय हंगामे में बदल गई, जब सत्ता पक्ष और विपक्ष के निगम पार्षद आमने-सामने आ गए। विभिन्न मुद्दों को लेकर दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस और तू-तू, मैं-मैं का दौर देखने को मिला। कुछ देर के लिए बैठक का माहौल पूरी तरह गरमा गया।
बैठक में पार्षदों ने अपने-अपने वार्ड से जुड़े जनहित के मुद्दे जोर-शोर से उठाए। समस्याओं के समाधान और अधिकारियों की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल-जवाब शुरू हुए, जिसके बाद माहौल और तनावपूर्ण हो गया।
अधिकारियों के रवैये पर भी नाराजगी
बैठक में निगम अधिकारियों के रवैये को लेकर भी पार्षदों में खासा रोष नजर आया। पार्षदों का कहना था कि जब जनता की समस्याओं को लेकर जनप्रतिनिधि सदन में सवाल उठाते हैं, तो अधिकारियों को गंभीरता से जवाब देना चाहिए और कार्रवाई की स्पष्ट जानकारी देनी चाहिए।
कई पार्षदों ने अधिकारियों की कार्यशैली पर नाराजगी जताते हुए कहा कि केवल बैठकों में मुद्दे उठाने से समस्या का समाधान नहीं होगा, बल्कि जमीनी स्तर पर कार्रवाई भी दिखाई देनी चाहिए।
हंगामे के बीच उठी जवाबदेही की मांग
सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक के बावजूद बैठक में जनसमस्याओं से जुड़े कई मुद्दे प्रमुखता से उठे। पार्षदों ने अधिकारियों से जवाबदेही तय करने और लंबित शिकायतों पर जल्द कार्रवाई करने की मांग की।
नॉर्थ ईस्ट निगम जोन की यह बैठक इस बात का संकेत दे गई कि राजनीतिक खींचतान के साथ-साथ अधिकारियों की कार्यप्रणाली भी अब निगम पार्षदों के निशाने पर है। सवाल यही है कि बैठकों में होने वाली बहस और हंगामे के बाद जनता की समस्याओं पर वास्तव में कितनी तेजी से कार्रवाई होती है।