Pratham Jhalak News
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धर्म सर्वश्रेष्ठ है। धर्म सुख का साधन है। धर्म ही मंगल है, धर्म ही उत्तम है, धर्म ही शरण है। धर्म ही सुख-शांति का आधार है। धर्म ही सद्गति का साधन है। पुण्य कैसे बढ़ाएँ ?
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अनुभवी पत्रकार और लेखक