भंगेल एलिवेटेड रोड पर बनेंगे चार नए लूप, सितंबर से शुरू होगा काम
Pratham Jhalak News
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कई सेक्टरों को मिलेगी सीधी कनेक्टिविटी
नोएडा। भंगेल एलिवेटेड रोड का पूरा लाभ अब आसपास रहने वाले लोगों को मिलने की उम्मीद बढ़ गई है। नोएडा प्राधिकरण ने एलिवेटेड रोड पर चढ़ने और उतरने के लिए चार नए लूप बनाने की तैयारी पूरी कर ली है। इनका निर्माण कार्य सितंबर 2026 से शुरू होने की संभावना है। लूप बनने के बाद आसपास के कई सेक्टरों के लोगों को लंबा रास्ता तय करने और जाम में फंसने से राहत मिल सकती है। साथ ही सूरजपुर और दादरी की ओर आने-जाने में भी सुविधा बढ़ेगी।
भंगेल एलिवेटेड रोड करीब 4.5 किलोमीटर लंबा है और इसके चालू होने के बाद नोएडा के एक हिस्से से दूसरे हिस्से तक तेज आवागमन की सुविधा मिली है। हालांकि, बीच में चढ़ने और उतरने के लिए पर्याप्त लूप नहीं होने के कारण आसपास के सेक्टरों में रहने वाले लोगों को इसका सीधा लाभ नहीं मिल पा रहा था। उन्हें एलिवेटेड रोड का इस्तेमाल करने के लिए अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ती थी।
अब सेक्टर-49 और सेक्टर-107 चौराहे के आसपास चार लूप बनाए जाएंगे। इन लूप की चौड़ाई करीब 7.5 मीटर और लंबाई लगभग 500 मीटर होगी। परियोजना पर करीब 51.84 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। नोएडा प्राधिकरण ने निर्माण एजेंसी का चयन कर लिया है और अनुबंध की प्रक्रिया पूरी होने के बाद काम शुरू कराया जाएगा।
अधिकारियों के मुताबिक, बारिश के मौसम के कारण निर्माण कार्य शुरू करने में कुछ समय रखा गया है। खुदाई और यातायात डायवर्जन के चलते बरसात के दौरान लोगों को परेशानी हो सकती है। ऐसे में सितंबर के दूसरे पखवाड़े से काम शुरू कराने की तैयारी है। निर्माण पूरा होने में करीब दो साल लगने का अनुमान है और इसे अगस्त 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
डेढ़ से दो लाख लोगों को फायदा
एलिवेटेड रोड के आसपास रहने वाली बड़ी आबादी को इन लूप से सीधा फायदा मिलने की उम्मीद है। रिपोर्ट के अनुसार आसपास करीब डेढ़ से दो लाख लोग रहते हैं। लूप बनने के बाद सेक्टरों से एलिवेटेड रोड पर सीधे प्रवेश और निकास की सुविधा मिलने से स्थानीय सड़कों पर वाहनों का दबाव कम हो सकता है।
इसके अलावा दिल्ली की तरफ से आने वाले वाहन चालक एलिवेटेड रोड का इस्तेमाल कर सेक्टर-49 की ओर उतर सकेंगे। वहीं, लूप के माध्यम से ग्रेटर नोएडा के सूरजपुर और दादरी की ओर जाने वाले लोगों को भी बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी। इससे समय और ईंधन दोनों की बचत होने की उम्मीद है।
नोएडा प्राधिकरण की यह परियोजना एलिवेटेड रोड को केवल मुख्य मार्ग के रूप में इस्तेमाल करने के बजाय आसपास के सेक्टरों के लिए उपयोगी कनेक्टिविटी कॉरिडोर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।