हिमालयी विपदा पर राष्ट्र पुनर्निर्माण मिशन का बड़ा फैसला: ₹10,000 करोड़ का राहत कोष घोषित
Pratham Jhalak News
••42 व्यूज़•2 मिनट पढ़ें
सभी उत्सव स्थगित
हिमांशु जैन/ लखनऊ (उत्तर प्रदेश)। भारत, नेपाल और तिब्बत के हिमालयी क्षेत्रों में आई भीषण प्राकृतिक विभीषिका से प्रभावित परिवारों की सहायता के लिए राष्ट्र पुनर्निर्माण मिशन ने एक ऐतिहासिक निर्णय लिया है। मिशन से जुड़ी सभी धार्मिक, सामाजिक एवं व्यावसायिक न्यास परिषदों ने अपने आगामी सभी समारोह, उद्घाटन और उत्सव तत्काल प्रभाव से स्थगित कर दिए हैं। इसके साथ ही प्रभावित क्षेत्रों के पुनर्वास के लिए ₹10,000 करोड़ का विशाल 'संयुक्त राहत पुनर्वास कोष' गठित करने का संकल्प लिया गया है। राष्ट्र पुनर्निर्माण मिशन के सूत्रधार और मुख्य प्रशासकीय न्यासी धर्ममूर्ति पंडित लक्ष्मण बालयोगी ने लखनऊ स्थिति अटल बिहारी सेवाग्राम में एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर यह जानकारी दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस कठिन परिस्थिति में केवल एक ही धर्म सर्वोपरि है—'राष्ट्र-धर्म और मानव सेवा'। मुख्य बिंदु: उत्सव स्थगित, सेवा पर ध्यान: विश्व पुरोहित यजमान न्यास परिसंघ, भारतवर्षीय साधू-संत समाज परिषद और अटल बिहारी सेवाग्राम न्यास परिषद सहित 7 प्रमुख संगठनों ने अपने सभी कार्यक्रम रद्द कर दिए हैं। ₹10,000 करोड़ का राहत कोष: मिशन के सेवा प्रदाता 'नेचर एंड सिग्नेचर' द्वारा सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP), कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR), सहकारिता और जनसहयोग के माध्यम से निधि जुटाने का लक्ष्य रखा गया है। पारदर्शी पुनर्वास योजना: इस राशि का उपयोग बेघर हुए लोगों के लिए अस्थायी आश्रय, भोजन, वस्त्र, चिकित्सा सहायता, मानसिक स्वास्थ्य परामर्श और मृतकों के आश्रितों को आजीविका देने के साथ-साथ मकानों के पुनर्निर्माण में किया जाएगा। वैश्विक और राष्ट्रीय अपील: संगठन ने भारतवासियों, प्रवासी भारतीयों, उद्योगपतियों, युवाओं और वैश्विक नागरिकों से 'तन-मन-धन' और श्रम-दान के जरिए इस आपदा में आगे आने का आह्वान किया है। "मानव सेवा ही माधव सेवा है। इस वैश्विक संकट के समय में हमारा एकमात्र लक्ष्य हिमालयी क्षेत्र के हताहत परिवारों को पुनः अपने पैरों पर खड़ा करना है।" धर्ममूर्ति पंडित लक्ष्मण बालयोगी (सूत्रधार, राष्ट्र पुनर्निर्माण मिशन) नेपाल और अंतर्राष्ट्रीय मीडिया के लिए भी संदेश जारी करते हुए विश्व समुदाय और दूतावासों से सहयोग की अपेक्षा की गई है। सहायता और जानकारी के लिए संगठन के केंद्रीय कार्यालय (बंथरा, लखनऊ)