नोएडा के पर्थला चौक पर बनेगा 6-लेन अंडरपास, यातायात व्यवस्था को मिलेगी बड़ी राहत
Pratham Jhalak News
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परियोजना के तहत अंडरपास में दोनों दिशाओं में तीन-तीन लेन होंगी। इसकी कुल लंबाई लगभग 710 मीटर होगी।
प्रथम झलक / दीपक जैन नोएडा। शहर के बेहद व्यस्त और महत्वपूर्ण पर्थला चौक पर बढ़ते यातायात दबाव को देखते हुए प्रस्तावित 6-लेन अंडरपास परियोजना को यातायात व्यवस्था सुधारने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। यह अंडरपास एफएनजी कॉरिडोर पर वाहनों की आवाजाही को सुगम बनाने के साथ पर्थला चौक पर लगने वाले जाम को कम करने में मदद करेगा। प्रस्तावित अंडरपास को भविष्य की यातायात आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है। परियोजना के तहत अंडरपास में दोनों दिशाओं में तीन-तीन लेन होंगी। इसकी कुल लंबाई लगभग 710 मीटर होगी। प्रत्येक दिशा में करीब 110 मीटर लंबा आरसीसी बॉक्स, 20 मीटर का खुला भाग तथा दोनों ओर लगभग 280-280 मीटर लंबे पहुंच मार्ग प्रस्तावित हैं। बारिश के दौरान जलभराव और रिसाव की समस्या से निपटने के लिए दो संप तथा उपयुक्त पंपिंग व्यवस्था का भी प्रावधान किया गया है। अंडरपास का निर्माण डायफ्राम वॉल तकनीक और साइट पर आरसीसी निर्माण के माध्यम से किए जाने का प्रस्ताव है। इससे निर्माण के दौरान आसपास की भूमि और मौजूदा अवसंरचना की स्थिरता बनाए रखने में मदद मिलेगी। एफएनजी कॉरिडोर के लिए महत्वपूर्ण कड़ी पर्थला चौक एफएनजी कॉरिडोर और विकास मार्ग के महत्वपूर्ण जंक्शन पर स्थित है। एफएनजी कॉरिडोर गाजियाबाद, एनएच-9, मेरठ एक्सप्रेसवे, नोएडा, ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे तथा भविष्य में फरीदाबाद से जुड़ने वाला महत्वपूर्ण मार्ग है। इस मार्ग पर दिनभर भारी यातायात रहता है और सुबह-शाम व्यस्त समय में पर्थला चौक पर जाम की स्थिति अधिक गंभीर हो जाती है। नोएडा वेस्ट और आसपास के क्षेत्रों में तेजी से हो रहे आवासीय एवं वाणिज्यिक विकास को देखते हुए आने वाले वर्षों में यातायात दबाव बढ़ने की संभावना है। ऐसे में अंडरपास को दीर्घकालिक यातायात समाधान के तौर पर तैयार किया गया है। करीब 80 करोड़ रुपये की परियोजना परियोजना की अनुमानित निर्माण लागत लगभग 80 करोड़ रुपये बताई गई है और इसके निर्माण के लिए करीब 18 महीने की अवधि प्रस्तावित है। अंडरपास के पूरा होने के बाद एफएनजी कॉरिडोर पर वाहनों का निर्बाध आवागमन बेहतर होने तथा पर्थला चौक पर वाहनों के रुकने और जाम की स्थिति में कमी आने की उम्मीद है। इस परियोजना से सेक्टर-66, सेक्टर-71, सेक्टर-121 और 122, किसान चौक, छिजारसी तथा आसपास के क्षेत्रों के नागरिकों को बेहतर कनेक्टिविटी और यातायात सुविधा मिलने की उम्मीद है। नोएडा प्राधिकरण के अनुसार, परियोजना का उद्देश्य वर्तमान यातायात दबाव का समाधान करने के साथ भविष्य की जरूरतों के अनुरूप शहर की यातायात व्यवस्था को मजबूत करना है। परियोजना पूरी होने के बाद यात्रा समय में कमी, यातायात क्षमता में वृद्धि, जाम में कमी और सड़क सुरक्षा में सुधार की उम्मीद है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन तथा नोएडा प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी के नेतृत्व में प्रस्तावित यह परियोजना नोएडा की बढ़ती यातायात जरूरतों को देखते हुए शहर के बुनियादी ढांचे को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है।